बालासाहेब ठाकरे के निष्ठावान शिवसैनिक एवं पालघर के पूर्व जिला प्रमुख शिरीष (दादा) चव्हाण का निधन

बालासाहेब ठाकरे के निष्ठावान शिवसैनिक एवं पालघर के पूर्व जिला प्रमुख शिरीष (दादा) चव्हाण का निधन

64 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, वसई-विरार के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर; बाला साहेब ठाकरे और धर्मवीर आनंद दिघे के साथ किया था काम

नालासोपारा : वसई-विरार और पालघर जिले के शिवसेना परिवार के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद खबर लेकर आया। शिवसेना प्रमुख हिंदूहृदयसम्राट स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के विचारों से प्रभावित होकर पार्टी के शुरुआती दौर से ही संगठन के लिए समर्पित भाव से काम करने वाले वरिष्ठ शिवसैनिक एवं पालघर जिले के पूर्व जिला प्रमुख शिरीष (दादा) जयराम चव्हाण का बुधवार, 4 नवंबर 2026 को निधन हो गया। वे 64 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पालघर जिले सहित वसई-विरार और नालासोपारा के राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।

बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के साथ किया था काम

शिरीष (दादा) चव्हाण की पहचान शिवसेना के एक पुराने, निष्ठावान और समर्पित शिवसैनिक के रूप में रही। उन्होंने शिवसेना के शुरुआती दौर से ही पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्हें शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे तथा धर्मवीर आनंद दिघे के साथ काम करने का अवसर मिला था। उनका राजनीतिक सफर केवल पद और प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने संगठन के विस्तार और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए लंबे समय तक काम किया। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और संगठनात्मक अनुभव के कारण पालघर जिले की राजनीति में उनकी अलग पहचान थी।

नालासोपारा नगर परिषद में निभाई विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी

शिरीष चव्हाण ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। वे नालासोपारा नगर परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य कर चुके थे। इसके अलावा उन्होंने पालघर ग्रामीण क्षेत्र के शिवसेना जिला प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाली थी। स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ताओं के साथ उनके जुड़ाव को याद किया जा रहा है। उनके निधन को शिवसेना के ठाकरे गुट के लिए एक अनुभवी और पुराने साथी की क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

वसई के अस्पताल में ली अंतिम सांस

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। उन्हें उपचार के लिए वसई स्थित कार्डिनल ग्रेशियस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन का समाचार सामने आते ही समर्थकों, पार्टी पदाधिकारियों और शुभचिंतकों में शोक व्याप्त हो गया।

शाम 5 बजे निकलेगी अंतिम यात्रा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनकी अंतिम यात्रा बुधवार शाम 5 बजे नालासोपारा पूर्व स्थित उनके निवास स्थान 17 शिवराई, महेश पार्क, तुलिंज रोड से निकाली जाएगी। अंतिम दर्शन एवं अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, पदाधिकारियों, शिवसैनिकों और बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।

शिवसेना ने खोया एक पुराना और अनुभवी साथी

शिरीष (दादा) चव्हाण का निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उन तमाम शिवसैनिकों और कार्यकर्ताओं के लिए भी अपूरणीय क्षति है, जिन्होंने उनके साथ संगठनात्मक और राजनीतिक सफर तय किया। बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व में शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब हमेशा के लिए थम गया है। उनके जाने से पालघर जिले की राजनीति और शिवसेना संगठन में एक पुराने दौर की यादें ताजा हो गई हैं। उनके योगदान, संगठन के प्रति समर्पण और लंबे राजनीतिक सफर को समर्थक हमेशा याद रखेंगे।


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