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बालासाहेब ठाकरे के निष्ठावान शिवसैनिक एवं पालघर के पूर्व जिला प्रमुख शिरीष (दादा) चव्हाण का निधन

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बालासाहेब ठाकरे के निष्ठावान शिवसैनिक एवं पालघर के पूर्व जिला प्रमुख शिरीष (दादा) चव्हाण का निधन 64 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, वसई-विरार के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर; बाला साहेब ठाकरे और धर्मवीर आनंद दिघे के साथ किया था काम नालासोपारा :  वसई-विरार और पालघर जिले के शिवसेना परिवार के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद खबर लेकर आया। शिवसेना प्रमुख हिंदूहृदयसम्राट स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के विचारों से प्रभावित होकर पार्टी के शुरुआती दौर से ही संगठन के लिए समर्पित भाव से काम करने वाले वरिष्ठ शिवसैनिक एवं पालघर जिले के पूर्व जिला प्रमुख शिरीष (दादा) जयराम चव्हाण का बुधवार, 4 नवंबर 2026 को निधन हो गया। वे 64 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पालघर जिले सहित वसई-विरार और नालासोपारा के राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के साथ किया था काम शिरीष (दादा) चव्हाण की पहचान शिवसेना के एक पुराने, निष्ठावान और समर्पित शिवसैनिक के रूप में रही। उन्होंने शिवसेना के शुरुआती दौर से ही पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा...

औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में आग की घटनाओं का बढ़ता खतरा : वसई, विरार और नालासोपारा में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

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औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में आग की घटनाओं का बढ़ता खतरा : वसई, विरार और नालासोपारा में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल गोदामों और औद्योगिक परिसरों में बार-बार आग लगने से लाखों का नुकसान ; आखिर हादसों के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन? लालप्रताप सिंह (कार्यकारी संपादक : सा.यशोमणि)  वसई-विरार : वसई-विरार शहर के औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेष रूप से वसई, विरार और नालासोपारा के औद्योगिक परिसरों, गोदामों, व्यावसायिक इमारतों तथा छोटे-बड़े कारखानों में बार-बार आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन हादसों में जहां लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो जाती है, वहीं कामगारों, कर्मचारियों और आसपास रहने वाले नागरिकों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। आग लगने की कई घटनाओं में शॉर्ट सर्किट, विद्युत उपकरणों में खराबी, ज्वलनशील सामग्री का अनुचित भंडारण तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी जैसी आशंकाएं सामने आती हैं। ऐसे में शहर की अग्निशमन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों...

नालासोपारा पूर्व के श्रीराम नगर में आधी रात को हिंसा का तांडव!

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नालासोपारा पूर्व के श्रीराम नगर में आधी रात को हिंसा का तांडव! करीब 150 लोगों की भीड़ ने तलवारों और कोयतों से घरों पर किया हमला, दहशत में घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे परिवार नागरिकों में भय का माहौल, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; मीरा-भायंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय से उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग नालासोपारा : नालासोपारा पूर्व के श्रीराम नगर इलाके में मध्यरात्रि के दौरान कथित तौर पर करीब 150 लोगों की उग्र भीड़ द्वारा तलवारों और कोयतों जैसे घातक हथियारों से घरों पर हमला किए जाने की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। अचानक हुए इस हिंसक घटनाक्रम के बाद स्थानीय निवासियों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। हालात ऐसे बन गए कि अपनी और अपने परिवार की जान बचाने के लिए कई लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्यरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में लोग हथियारों के साथ श्रीराम नगर इलाके में पहुंचे और कथित तौर पर वहां स्थित घरों को निशाना बनाते हुए हमला किया। भीड़ के पास तलवार और कोयते जैसे धारदार हथियार होने ...

डिग्रियां हासिल करना शिक्षा नहीं, बल्कि सही-गलत की पहचान और मानवीय मूल्यों को समझना ही वास्तविक शिक्षा है।

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डिग्रियां हासिल करना शिक्षा नहीं, बल्कि सही-गलत की पहचान और मानवीय मूल्यों को समझना ही वास्तविक शिक्षा है। संपादकीय | यशोमणि न्यूज़ आज के दौर में शिक्षा का अर्थ अक्सर बड़ी-बड़ी डिग्रियों, ऊंचे पदों, अंग्रेजी भाषा के ज्ञान और आर्थिक सफलता तक सीमित होकर रह गया है। समाज में किसी व्यक्ति की योग्यता का आकलन उसकी शैक्षणिक डिग्रियों और पेशेवर उपलब्धियों से किया जाता है। लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या अधिक पढ़-लिख लेना ही शिक्षित होने की निशानी है? क्या डिग्रियों का ढेर किसी व्यक्ति को विवेकशील, संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बना सकता है? वास्तविकता यह है कि साक्षर होना और शिक्षित होना दोनों बिल्कुल अलग-अलग बातें हैं। साक्षर व्यक्ति वह है जो पढ़ना-लिखना जानता है, शब्दों को समझ सकता है और लिखित जानकारी का उपयोग कर सकता है। लेकिन शिक्षित व्यक्ति वह है जो अपने ज्ञान का उपयोग सही निर्णय लेने, समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने, दूसरों के अधिकारों का सम्मान करने और मानवीय मूल्यों को जीवन में उतारने के लिए करता है। विडंबना देखिए कि आज समाज में ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जिनके पास बड़ी-बड़ी डिग्रिय...

वसई-विरार में गहराता जल संकट : बढ़ती आबादी और अनियोजित शहरीकरण ने बढ़ाई प्रशासन की चुनौती

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वसई-विरार में गहराता जल संकट : बढ़ती आबादी और अनियोजित शहरीकरण ने बढ़ाई प्रशासन की चुनौती संभावित 10 प्रतिशत जल कटौती की चर्चा के बीच मनपा की कवायद तेज, स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना और दीर्घकालिक जल नियोजन जरूरी वसई-विरार : तेजी से बढ़ते शहरीकरण, लगातार बढ़ती आबादी और बुनियादी सुविधाओं के मुकाबले विकास की असंतुलित रफ्तार ने वसई-विरार शहर के सामने जल संकट की गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। शहर में आवासीय इमारतों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार लगातार हो रहा है, लेकिन इसके अनुपात में जलापूर्ति व्यवस्था का विस्तार और नए जलस्रोतों का विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पाया है। नतीजतन, आने वाले समय में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। इस संभावित संकट को देखते हुए वसई-विरार शहर महानगरपालिका प्रशासन ने जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा, संभावित जल कटौती और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैठकों एवं नियोजन की प्रक्रिया शुरू की है। शहर में संभावित 10 प्रतिशत जल कटौती को लेकर भी चर्चा सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय से पहले प्...

वसई-विरार में आवारा पशुओं का बढ़ता आतंक, नागरिकों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा

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वसई-विरार में आवारा पशुओं का बढ़ता आतंक, नागरिकों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा सड़कों पर पशुओं के जमावड़े से दुर्घटनाओं का बढ़ता जोखिम; मनपा ने तेज किया दंडात्मक अभियान, पशुओं को रखने के लिए गौशालाओं का सहारा लेने की तैयारी वसई : वसई-विरार शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या अब गंभीर नागरिक समस्या का रूप लेती जा रही है। शहर की प्रमुख सड़कों, आंतरिक मार्गों और रिहायशी इलाकों में आवारा पशुओं का खुलेआम घूमना वाहन चालकों और पैदल चलने वाले नागरिकों के लिए खतरा बनता जा रहा है। सड़कों पर अचानक पशुओं के आ जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है। इस स्थिति ने शहर की यातायात व्यवस्था के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और यातायात में उत्पन्न बाधाओं को देखते हुए वसई-विरार शहर महानगरपालिका के पशुपालन विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से आवारा पशुओं को पकड़ने और पशु मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का अभियान तेज किए जाने की तैयारी है। मनपा प्रशासन का उद्देश्य सड़कों पर खुलेआम घूमने वाले पशुओं पर नियंत्रण स्था...

भागवत टेकरी पर मनपा की कार्रवाई बेअसर? बुलडोजर के बाद दोगुनी रफ्तार से निर्माण कार्य शुरू, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल..

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कार्रवाई के कुछ घंटों बाद ही गौचर भूमि पर फिर शुरू हुआ अवैध निर्माण! भागवत टेकरी पर मनपा की कार्रवाई बेअसर? बुलडोजर के बाद दोगुनी रफ्तार से निर्माण कार्य शुरू, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल वसई-विरार : वसई-विरार शहर महानगरपालिका के प्रभाग समिति ‘एफ’ अंतर्गत धानिव बाग, गांगड़ी पाड़ा स्थित भागवत टेकरी पर गौचर भूमि में कथित अवैध निर्माण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। गौरतलब है कि जिस स्थान पर कल देर शाम मनपा प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई थी, उसी स्थान पर कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद कथित तौर पर दोगुनी रफ्तार से दोबारा अवैध निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि मनपा की कार्रवाई के बावजूद निर्माण कार्य का दोबारा शुरू होना प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर कार्रवाई के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की हिम्मत किसके भरोसे की जा रही है? क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है? गौचर भूमि जैसे सार्वजनिक उपयोग के भूखंड पर कथित रूप से हो रहे निर्माण को ले...