अपराधियों के हौसले बुलंद, नागरिकों का भरोसा कमजोर — आखिर वसई-विरार किस दिशा में जा रहा है..??
अपराधियों के हौसले बुलंद, नागरिकों का भरोसा कमजोर — आखिर वसई-विरार किस दिशा में जा रहा है..?? लालप्रताप सिंह (कार्यकारी संपादक : सा.यशोमणि) वसई-विरार शहर आज विकास, जनसंख्या और आर्थिक गतिविधियों के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके समानांतर एक ऐसी चुनौती भी लगातार गंभीर होती जा रही है, जिसे नज़रअंदाज़ करना पूरे शहर के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है। यह चुनौती है—बढ़ता अपराध और बिगड़ती कानून व्यवस्था। बीते कुछ समय में हत्या, गोलीबारी, लूट, रंगदारी, चोरी और व्यापारियों पर हमलों जैसी घटनाओं ने आम नागरिकों की सुरक्षा की भावना को गहरा आघात पहुंचाया है। अपराध की बढ़ती घटनाएं केवल पुलिस रिकॉर्ड का विषय नहीं हैं, बल्कि यह उस भय का प्रतीक हैं, जिसे शहर का हर परिवार और हर व्यापारी महसूस कर रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई घटनाओं में अपराधियों का दुस्साहस साफ दिखाई देता है। यदि अपराधी खुलेआम वारदातों को अंजाम देकर आसानी से फरार होने का प्रयास करते हैं, तो यह संकेत है कि कानून का भय कमजोर पड़ रहा है। किसी भी सभ्य समाज के लिए यह स्थिति स्वीकार्य नहीं हो सकती।...