अवैध फ्लैटों के पंजीकरण पर रोक, खरीदारों के हितों की होगी रक्षा
अवैध फ्लैटों के पंजीकरण पर रोक, खरीदारों के हितों की होगी रक्षा
महाराष्ट्र सरकार का अहम फैसला ; नियमों का उल्लंघन करने वाले उप-पंजीयकों पर होगी विभागीय जांच
मुंबई : अपनी मेहनत की कमाई से घर खरीदने वाले आम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाने और अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अवैध फ्लैटों के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर यह फैसला लिया है। इस संबंध में राजस्व विभाग की ओर से परिपत्र जारी किया गया है। जारी निर्देशों के अनुसार, अवैध फ्लैटों के प्रथम विक्रय समझौते, खरीद विलेख, अपार्टमेंट विलेख और हस्तांतरण विलेख का पंजीकरण नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्वीकृत निर्माण मानचित्र में दर्शाए गए क्षेत्रफल से अधिक निर्मित फ्लैटों के पंजीकरण पर भी रोक लगाई गई है। इस कदम का उद्देश्य संपत्ति की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और घर खरीदारों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाना है।
पंजीकरण के लिए जरूरी होंगे दस्तावेज
सरकार के निर्देशों के मुताबिक, महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (महा-रेरा) में पंजीकरण अनिवार्य होने वाली परियोजनाओं के लिए संबंधित पंजीकरण प्रमाणपत्र अथवा अधिभोग प्रमाणपत्र (ओसी) और फ्लैट के क्षेत्रफल का उल्लेख करने वाला स्वीकृत निर्माण मानचित्र आवश्यक होगा। वहीं, महा-रेरा पंजीकरण से छूट प्राप्त परियोजनाओं के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी भवन निर्माण अनुमति अथवा आरंभ प्रमाणपत्र, स्वीकृत निर्माण मानचित्र, जोन प्रमाणपत्र और माप मानचित्र जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित संपत्ति का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। इससे बिना आवश्यक मंजूरी के बनाए गए फ्लैटों की खरीद-बिक्री के जरिए नागरिकों को गुमराह करने की आशंका पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
नियम तोड़ने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई
राजस्व विभाग ने पंजीकरण प्रक्रिया में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उप-पंजीयकों की जिम्मेदारी भी तय की है। यदि कोई उप-पंजीयक निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध फ्लैट या अनधिकृत निर्माण से संबंधित दस्तावेजों का पंजीकरण करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी।
धोखाधड़ी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
महाराष्ट्र में अनधिकृत निर्माण और बिना आवश्यक मंजूरी के फ्लैटों की बिक्री लंबे समय से गंभीर चिंता का विषय रहे हैं। कई मामलों में नागरिक अपनी जीवनभर की बचत लगाकर घर खरीदते हैं, लेकिन बाद में निर्माण की वैधता, आवश्यक अनुमतियों और अधिभोग प्रमाणपत्र जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार के इस निर्णय से संपत्ति के पंजीकरण से पहले आवश्यक दस्तावेजों की जांच को महत्व मिलेगा। साथ ही, अनधिकृत निर्माणों के नियमित लेन-देन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की रक्षा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इस फैसले का प्रमुख उद्देश्य स्पष्ट है—घर खरीदने वाले नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाना, अवैध निर्माणों पर नियंत्रण रखना और संपत्ति के लेन-देन को अधिक पारदर्शी बनाना।

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