वसई तालुका के खर्डी में अवैध पत्थर खनन का पर्दाफाश....
वसई तालुका के खर्डी में अवैध पत्थर खनन का पर्दाफाश....
राजस्व विभाग की छापेमारी में 90.89 लाख रुपये के पोकलेन जब्त, 8 ब्रास लघु खनिज भी बरामद ; तीन आरोपियों पर मांडवी थाने में मामला दर्ज
विरार : वसई तालुका में अवैध पत्थर खनन के कारोबार पर राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विरार पूर्व के खर्डी गांव स्थित एक खदान पर छापेमारी की। सर्वे नंबर 32/17 में बिना किसी वैध अनुमति के पत्थरों (लघु खनिज) की खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम ने तीन पोकलेन मशीनों तथा करीब 8 ब्रास खनन किए गए पत्थरों को जब्त किया। जब्त सामग्री एवं मशीनरी की कुल कीमत करीब 90 लाख 89 हजार 800 रुपये बताई गई है। मामले में तीन लोगों के खिलाफ मांडवी पुलिस स्टेशन में प्रकरण दर्ज कराया गया है।
गुप्त सूचना के बाद राजस्व विभाग की कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग को सूचना मिली थी कि विरार पूर्व के खरडी गांव में सर्वे नंबर 32/17 स्थित खदान में कथित तौर पर बिना आवश्यक सरकारी अनुमति के बड़े पैमाने पर पत्थरों का उत्खनन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वसई तहसीलदार दीपक गायकवाड़ के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। इस अभियान में विरार प्रभारी मंडल अधिकारी शैलेंद्र टिडके और तलाठी सुनीता सुगारे सहित राजस्व विभाग की टीम ने संबंधित खदान पर छापा मारा।
तीन पोकलेन से हो रही थी खुदाई
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को मौके पर तीन पोकलेन मशीनों की मदद से पत्थरों की खुदाई किए जाने की जानकारी मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि खनन कार्य के लिए जिलाधिकारी अथवा संबंधित उप-विभागीय अधिकारी से आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी। राजस्व विभाग के अनुसार, मौके से दो हायवा ट्रक भी पकड़े गए। इनमें से एक हायवा MH 48-DQ 9200 में लगभग 6 ब्रास पत्थर, जबकि दूसरे हायवा MH 48-DC 3570 में करीब 2 ब्रास पत्थर पाए गए। इस प्रकार कुल 8 ब्रास लघु खनिज जब्त किए गए। इसके अलावा, खनन कार्य में इस्तेमाल की जा रही तीन पोकलेन मशीनों को भी कार्रवाई के तहत जब्त किया गया। विभाग के अनुसार जब्त मशीनरी का मूल्य लगभग 90 लाख 89 हजार 800 रुपये है।
अवैध खनन पर उठ रहे गंभीर सवाल
वसई-विरार क्षेत्र में अवैध पत्थर खनन, रेत उत्खनन और बिना अनुमति मिट्टी भराई के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसे में खरडी की यह कार्रवाई इस बात की ओर भी संकेत करती है कि खनिज संपदा के अवैध उत्खनन पर निगरानी और कार्रवाई की जरूरत लगातार बनी हुई है। अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, बल्कि बड़े पैमाने पर पहाड़ियों और प्राकृतिक भू-भाग की खुदाई से पर्यावरणीय नुकसान, जलनिकासी व्यवस्था में बदलाव और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।
तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
राजस्व विभाग की कार्रवाई के बाद इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मांडवी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले की आगे जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट होने की उम्मीद है कि खनन कार्य किसके नियंत्रण में चल रहा था, कितने समय से उत्खनन किया जा रहा था और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

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