एवरशाइन सिटी में परिवहन व्यवस्था बेहाल,रिक्शा के लिए लंबी कतारें लगाने के लिए मजबूर

एवरशाइन सिटी में परिवहन व्यवस्था बेहाल....

रिक्शा के लिए लंबी कतारें, यात्रियों का समय बर्बाद ; सार्वजनिक परिवहन की कमी पर उठे सवाल....

वसई : वसई के एवरशाइन सिटी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण रोजाना हजारों नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में रिक्शा पकड़ने के लिए सुबह से लेकर शाम तक लंबी-लंबी कतारें लगना आम बात हो गई है। कामकाजी लोग, विद्यार्थी, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक रिक्शा के इंतजार में काफी समय गंवाने को मजबूर हैं।

एवरशाइन सिटी एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में लोग नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन आवागमन करते हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध नहीं होने से नागरिकों की निर्भरता मुख्य रूप से ऑटो रिक्शा पर बनी हुई है। यात्रियों की संख्या अधिक और रिक्शों की उपलब्धता सीमित होने के कारण कतारें लंबी होती जा रही हैं।

रिक्शा के इंतजार में निकल जाता है कीमती समय

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार रिक्शा के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। पीक ऑवर में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। नौकरी या स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों को समय पर पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना पड़ता है। कई यात्रियों को कतार में खड़े रहने के बाद भी रिक्शा उपलब्ध होने की गारंटी नहीं रहती।

नागरिकों का सवाल है कि जब एवरशाइन सिटी जैसे बड़े आवासीय क्षेत्र में इतनी बड़ी आबादी रहती है, तो यहां नियमित और भरोसेमंद सार्वजनिक बस सेवा क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई?

बस सेवा बढ़ाने की मांग

नागरिकों का कहना है कि केवल रिक्शा व्यवस्था पर निर्भर रहने के बजाय एवरशाइन सिटी को वसई स्टेशन, प्रमुख बाजारों, अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जोड़ने वाली नियमित बस सेवा की आवश्यकता है। छोटी दूरी के लिए मिनी बस अथवा फीडर बस सेवा शुरू होने से रिक्शा पर दबाव कम हो सकता है और यात्रियों को भी बेहतर विकल्प मिल सकता है।

प्रशासन की योजना पर सवाल

वसई-विरार शहर में बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का विस्तार कितना हुआ है, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि नई आवासीय बस्तियां विकसित होने से पहले अथवा उनके साथ-साथ परिवहन की आवश्यकताओं का नियोजन किया जाना चाहिए था।

अब सवाल यह है कि एवरशाइन सिटी के नागरिकों को कब तक रिक्शा की लंबी कतारों में अपना समय गंवाना पड़ेगा? क्या संबंधित प्रशासन इस क्षेत्र के लिए नियमित बस या अन्य सार्वजनिक परिवहन की ठोस व्यवस्था करेगा, या फिर नागरिकों को इसी तरह रोजाना परिवहन संकट का सामना करना पड़ेगा?

नागरिकों ने मनपा और परिवहन विभाग से क्षेत्र का सर्वेक्षण कर यात्रियों की वास्तविक संख्या, पीक ऑवर की मांग और उपलब्ध रिक्शों की क्षमता का आकलन करने तथा आवश्यकतानुसार नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने की मांग की है।

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