महावीर कॉम्प्लेक्स में दिखा विशाल लंगूर, इमारतों के बीच लगाता रहा छलांग
महावीर कॉम्प्लेक्स में दिखा विशाल लंगूर, इमारतों के बीच लगाता रहा छलांग
वसई शहर में वन्यजीव की दस्तक से लोगों में कौतूहल, नागरिकों ने मोबाइल में कैद की तस्वीरें
वसई : वसई शहर के पश्चिमी हिस्से में उस समय लोगों का ध्यान अचानक आकर्षित हो गया, जब महावीर कॉम्प्लेक्स परिसर में एक विशाल लंगूर दिखाई दिया। लंगूर को एक इमारत से दूसरी इमारत की ओर छलांग लगाते और परिसर की दीवार के सहारे चलते हुए देखा गया। कुछ देर तक वह परिसर के गेट के आसपास भी मौजूद रहा। वन्यजीव को अचानक अपने बीच देखकर स्थानीय नागरिकों में कौतूहल का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लंगूर कुछ समय तक परिसर के आसपास घूमता रहा। इसके बाद वह दीवार पर चढ़ गया और वहां से छलांग लगाकर दूसरी ओर चला गया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन से लंगूर की तस्वीरें और वीडियो भी बनाए। हालांकि, किसी नागरिक द्वारा उसे पकड़ने या उसके करीब जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
पहले स्टेशन परिसर में भी दिखा था बंदर
वसई में मानव बस्तियों के आसपास बंदर और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वसई रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी एक बंदर दिखाई देने की घटना सामने आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण शहर के तेजी से बढ़ते शहरीकरण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के बीच बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वसई-विरार क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में आबादी और निर्माण गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है। इसके चलते जंगल, पहाड़ी और हरित क्षेत्रों के आसपास मानव बस्तियां बढ़ी हैं। ऐसे में भोजन और सुरक्षित आवास की तलाश में वन्यजीवों के कभी-कभी रिहायशी इलाकों में पहुंचने की संभावना बनी रहती है।
लंगूर कहां से आया, जानकारी नहीं
महावीर कॉम्प्लेक्स में दिखाई दिए लंगूर के बारे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह किस क्षेत्र से आया था और कितनी देर तक शहर के इस हिस्से में मौजूद रहा। उसके वापस किसी प्राकृतिक क्षेत्र में चले जाने की संभावना जताई जा रही है। घटना को लेकर संबंधित वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, किसी जंगली जानवर के मानव बस्ती में दिखाई देने पर नागरिकों को उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए। उसके पीछे दौड़ना, उसे घेरना, पत्थर या अन्य वस्तु फेंकना अथवा उसे खाना खिलाने का प्रयास करना खतरनाक हो सकता है। इससे जानवर भी घबरा सकता है और आक्रामक व्यवहार कर सकता है।
यदि कोई वन्यजीव लंबे समय तक रिहायशी परिसर में मौजूद रहता है या लोगों के लिए खतरा उत्पन्न करता है, तो नागरिकों को स्वयं उसे पकड़ने या भगाने के बजाय संबंधित वन विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।
महावीर कॉम्प्लेक्स में लंगूर के दिखाई देने की घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के बीच संतुलन कैसे कायम रखा जाए। शहर के विस्तार के साथ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो वन्यजीवों की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा—दोनों को प्राथमिकता देना आवश्यक होगा।

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