महाराष्ट्र में फिर तेज होगी बारिश, मुंबई-ठाणे-रायगढ़ और पालघर के लिए ऑरेंज अलर्ट....

बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का असर : महाराष्ट्र में फिर तेज होगी बारिश, मुंबई-ठाणे-रायगढ़ और पालघर के लिए ऑरेंज अलर्ट....


मुंबई : बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के डिप्रेशन में बदलने के बाद महाराष्ट्र में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट, जबकि पालघर जिले के लिए मंगलवार और बुधवार को येलो अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है, जिसका प्रभाव धीरे-धीरे मध्य भारत होते हुए महाराष्ट्र तक पहुंच गया है। इसके चलते राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। डिप्रेशन का असर जालना, परभणी, छत्रपति संभाजीनगर, हिंगोली, जलगांव सहित कोंकण क्षेत्र तक महसूस किया जा रहा है।

मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ेगा बारिश का दौर

सोमवार को मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, लेकिन मंगलवार से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

- मुंबई, ठाणे और रायगढ़: मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट।

- रायगढ़: बुधवार को भी ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा।

- मुंबई, ठाणे और रायगढ़: बुधवार और गुरुवार के लिए येलो अलर्ट।

- पालघर: मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी।

राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण के अनेक जिलों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं पुणे, सातारा और घाट क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा हो सकती है। प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।

किसानों और जलस्रोतों के लिए राहत की उम्मीद

लगातार हो रही बारिश से राज्य के बांधों और जलाशयों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है, जिससे पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को राहत मिल सकती है। वहीं खरीफ फसलों की बुवाई और विकास को लेकर चिंतित किसानों के लिए भी यह वर्षा लाभदायक साबित होने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर होने वाली यह बारिश धान, सोयाबीन, कपास और अन्य खरीफ फसलों के लिए अनुकूल रहेगी।

प्रशासन ने नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, समुद्र तटों और नदी-नालों के किनारे नहीं जाने तथा बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि डिप्रेशन के प्रभाव के कारण अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

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