जीते जी हैरान मरने के बाद परेशान
जीते जी हैरान मरने के बाद परेशान
ओ. पी. तिवारी
सिद्धार्थ नगर : समाज में जब कोई पैदा होता हैै खुशी से लोग झूम उठते हैं,और जीवन जीने का अधिकार प्राप्त हो जाता है और जब (स्वर्गवास हो जाता है तों अंतिम संस्कार के लिए स्मशान या कब्रीस्तान ले जाते हैं तो जै श्री राम,और अल्ला हो अकबर का नाम लेते हुए जातें हैं, लेकिन गांव, बेनव मुस्थकाम, पोस्ट ,चीथी,ब्लाक,भनवा पुर, तहसील डूमरिया गंज, जिला सिद्धार्थ नगर ईस ग्राम प्रधान जाडून निशा पत्नी करम हुसैन की मौत के बाद उसके पति करम हुसैन ने मुर्दा दफनाने के लिए कब्रिस्तान,व रास्ते के लिए ४०लाख पचास हजार पास करा कर निकाल लिया, उसमें ग्राम विकास सचिव,व नये प्रधान आदि हजम कर लिया, क्षेत्र का विकास देखने के लिए शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश, सतीश द्विवेदी, जिला कलेक्टर, उपजिलाधिकारी,व गांव के समस्त जनता के सामने हुआ, किंतु अब हालात हैं कि मुर्दे को पानी में होकर जाना पड़ रहा है, जो कि, जिते जी हैरान मरने के बाद परेशान,। कि कहावत चरितार्थ हो रही है,।मजे की बात यह है कि उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय पत्रिकाएं ऐसे मसलों को तवज्जो नहीं देते, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री हर पल लोगों की सुरक्षा खान पान,आवास योजना को लागू कर रहे हैं तो ग्राम प्रधान अपनी जेब भरने में लगे हैं गांव बेनव मुस्थकाम के पूर्व प्रधान करम हुसैन, पांच पांच साल में एक भी काम नहीं किए उल्टे उस गांव के लोगों में बैमनस फैला कर मज़ा कर रहे हैं,जब परधानी में पुरुष की जगह महिला क्षेत्र हो जाता है तो मलाई खाने के लिए अपनी अपनी पत्नियों को खड़ा कर के चुनाव जीत कर खुद रामकथा लिखने लगते हैं, एसा ही लालू ने किया था, रबड़ी को जीताया लूटा और अब जेल में बंद हैं, वैसा ही प्राधानो की संपत्ति की जांच हो कि पहले क्या था अब कितना है,पूरे परिवार,साला साली मामा मामी ताकि उनके नाम पर भी अवैध संपत्ति न बने,
पता चला है कि योगी आदित्यनाथ के कुछ लूटेरू मंत्री उनको बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

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