लॉकडाउन मे किये गए हैवानियत के चलते मुंबई पुलिस के 4 पुलिस कर्मचारी हुए निलंबित
मुंबई लॉक डाउन में पुलिस की हैवानियत, युवक को पीट पीट कर मार डाला, 4 पुलिस वाले हुए निलंबित
मुंबई : मुंबई के जुहू इलाके में लॉकडाउन के दौरान कथित रूप से एक आदमी की पीट - पीटकर हत्या कर देने के मामले में चार पुलिस कर्मचारियों को पुलिस विभाग ने निलंबित कर दिया।चारों आरोपी पुलिस जुहू थाने में पदस्थ थे । इस मामले में उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल किए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 29 मार्च को लॉकडाउन के दौरान 22 वर्षीय राजू वेलु नाम का शख्स रात में अपने सबंधी के यहां जाने के लिए अपने घर से बाहर निकला था । उसके कुछ दूर जाने पर ही पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और थाने ले गए जहां आरोप लगाया गया कि थाने में वेलु की लॉकडाउन तोड़ने को लेकर बेरहमी से पिटाई की गई थी . हावालात में हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया , जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया . वहीं पुलिस कर्मचारियों का बोलना था कि वेलु के साथ घटना वाले दिन कुछ लोगों ने हाथापाई की थी.इसे लेकर पुलिस ने आठ लोकल लोगों के विरूद्ध लिंचिंग व नाजायज़ रूप से एक स्थान पर भीड़ एकत्र होने , मर्डर का मुद्दा भी दर्ज किया था . जबकि दूसरी ओर मृतक के भाई ने जुहू थाना पुलिस के विरूद्ध बॉम्बे उच्च न्यायालय में पीआईएल दाखिल की थी.इसमें पुलिस कर्मचारियों पर राजू वेलु की पीट - पीटकर हत्या का आरोप लगाया गया था . न्यायालय में पहली सुनवाई के दौरान मुंबई पुलिस ने आरोपों से मना कर दिया व दो हलफनामे दायर किए थे . एक स्थिति रिपोर्ट भी दाखिल की गई थी , इसमें उन चार पुलिसवालों की पहचान की गई थी , जिन पर वेलु के भाई ने हत्या करने का आरोप लगाया था.इन चार पुलिस कर्मियों में संतोष देसाई , दिगंबर चौहान , रोक पाल्वे व आनंद गायकवाड़ हैं। उच्च न्यायालय की दखल के बाद पुलिस विभाग ने आरोपी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।इसके साथ ही विभागीय जाँच भी जारी है ।

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