पानीपट्टी-घरपट्टी बढ़ोत्तरी के खिलाफ 16 अगस्त को होगा भाजपा का मोर्चा...
पानीपट्टी-घरपट्टी बढ़ोत्तरी के खिलाफ 16 अगस्त को होगा भाजपा का मोर्चा...
जकात नाका से निकलेगा भव्य मोर्चा, खराब सड़कों और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी मनपा को घेरने की तैयारी
विरार : वसई-विरार शहर में पानीपट्टी और घरपट्टी में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वसई-विरार शहर जिला की ओर से 16 अगस्त को शाम 4 बजे विरार पश्चिम स्थित जकात नाका से भव्य मोर्चा निकाला जाएगा। भाजपा ने पानीपट्टी की बढ़ोतरी को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए मनपा प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है।भाजपा पदाधिकारियों के अनुसार, पानीपट्टी और घरपट्टी में बढ़ोतरी का सीधा असर शहर के आम नागरिकों और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ेगा। पहले से ही महंगाई, बिजली, परिवहन और रोजमर्रा की बढ़ती लागत से परेशान नागरिकों पर अतिरिक्त करों का बोझ डालना उचित नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में मोर्चे में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
खराब सड़कों को लेकर भी आक्रोश
मोर्चे के दौरान शहर की खराब और गड्ढों से भरी सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। बारिश के मौसम में कई इलाकों में सड़कें बदहाल होने के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा का आरोप है कि नागरिकों से विभिन्न प्रकार के कर वसूले जा रहे हैं, लेकिन उसके अनुरूप मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। पार्टी का कहना है कि जब नागरिकों से घरपट्टी और पानीपट्टी सहित विभिन्न करों की वसूली की जाती है, तो उन्हें बेहतर सड़कें, नियमित जलापूर्ति, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
आवारा कुत्तों की समस्या भी बनेगी बड़ा मुद्दा
मोर्चे में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। शहर के अनेक क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के झुंड दिखाई देने तथा नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी का मुद्दा भाजपा उठाएगी। भाजपा की मांग है कि मनपा प्रशासन आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी और मानवीय उपाय करे तथा केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे।
‘कर बढ़ाने से पहले सुविधाएं बढ़ाएं’
भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी भी प्रकार की कर वृद्धि से पहले मनपा को यह बताना चाहिए कि मौजूदा करों से नागरिकों को कितनी और कैसी सुविधाएं मिल रही हैं। यदि शहर की सड़कें खराब हैं, जलापूर्ति और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतें हैं तथा आवारा कुत्तों जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, तो ऐसे समय में करों में बढ़ोतरी नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के समान है।
प्रशासन के सामने कई सवाल
इस मोर्चे के जरिए भाजपा प्रशासन से यह सवाल भी उठाएगी कि जब नागरिक पहले से ही करों का भुगतान कर रहे हैं, तो उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए बार-बार आंदोलन क्यों करना पड़ता है? शहर की समस्याओं का स्थायी समाधान कब होगा और पानीपट्टी-घरपट्टी बढ़ोतरी को लेकर नागरिकों की आपत्तियों पर प्रशासन क्या निर्णय लेगा, इस पर भी लोगों की नजरें टिकी हैं। 16 अगस्त को जकात नाका से निकलने वाले इस मोर्चे के जरिए भाजपा ने पानीपट्टी बढ़ोतरी रद्द करने के साथ-साथ खराब सड़कों और आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग उठाने की तैयारी की है। अब देखना यह होगा कि भाजपा के इस आंदोलन के बाद मनपा प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और नागरिकों को क्या राहत मिलती है।

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