विधायक स्नेहा दुबे पंडित के आक्रामक फॉलोअप का असर; जैन कंस्ट्रक्शन से ‘Risk & Cost’ के आधार पर वसूला जाएगा मरम्मत का पूरा खर्च
वसई की जानलेवा सड़क की बदहाली पर आयुक्त के तात्कालिक आदेश
विधायक स्नेहा दुबे पंडित के आक्रामक फॉलोअप का असर; जैन कंस्ट्रक्शन से ‘Risk & Cost’ के आधार पर वसूला जाएगा मरम्मत का पूरा खर्च
वसई : वसई में नागरिकों की सुरक्षा से सीधे जुड़े एक गंभीर सड़क मामले में आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। वसंत नगरी से वसई पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाले पुल के पूर्वी हिस्से की मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित द्वारा लगातार किए जा रहे आक्रामक फॉलोअप का असर दिखाई दिया है।महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने सड़क की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सड़क का काम करने वाले मे. जैन कंस्ट्रक्शन, मुंबई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सड़क की मरम्मत अब ‘Risk & Cost’ के आधार पर किसी अन्य ठेकेदार से कराई जाएगी और इसका पूरा खर्च जैन कंस्ट्रक्शन से वसूल किया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में
सड़क की बेहद खराब स्थिति और उससे नागरिकों को उत्पन्न हो रहे खतरे को देखते हुए विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद वसई-विरार शहर महानगरपालिका आयुक्त ने मामले पर चर्चा के लिए विधायक को बैठक में आमंत्रित किया। मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को महानगरपालिका आयुक्तालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायक ने सड़क की तत्काल मरम्मत, घटिया निर्माण कार्य की जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तथा दोषी ठेकेदार से नुकसान की भरपाई कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
‘खानापूर्ति नहीं, गुणवत्तापूर्ण मरम्मत हो’
विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की जान से जुड़े इस मुद्दे पर केवल खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि निविदा प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए तत्काल प्रभाव से सड़क की मरम्मत की जाए। उन्होंने केवल गिट्टी और डामर डालकर गड्ढे भरने के बजाय आवश्यक स्थानों पर मास्टिक पद्धति से गुणवत्तापूर्ण मरम्मत करने की मांग की, ताकि नागरिकों को दोबारा उसी समस्या का सामना न करना पड़े।
DLP अवधि में सड़क खराब, ठेकेदार से वसूली
महानगरपालिका आयुक्त द्वारा विधायक को दिए गए लिखित पत्र के अनुसार, वसंत नगरी से वसई पूर्व-पश्चिम पुल के पूर्वी हिस्से की सड़क का काम मे. जैन कंस्ट्रक्शन, मुंबई को दिया गया था। यह सड़क दोष दायित्व अवधि (DLP) के दौरान ही खराब हो गई। महानगरपालिका की ओर से संबंधित ठेकेदार को समय-समय पर नोटिस दिए जाने के बावजूद अपेक्षित मरम्मत नहीं की गई। इसी को गंभीरता से लेते हुए अब नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए सड़क की मरम्मत किसी अन्य ठेकेदार के माध्यम से ‘Risk & Cost’ आधार पर कराई जाएगी। मरम्मत पर होने वाला पूरा खर्च जैन कंस्ट्रक्शन से वसूल किया जाएगा।
BOQ से लेकर पूरे निर्माण कार्य की होगी जांच
विधायक ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए मूल BOQ, डिजाइन, योजना, निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने इस पूरे मामले की तकनीकी जांच IIT Mumbai के माध्यम से कराने की मांग रखी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सड़क निर्माण में कहीं तकनीकी मानकों की अनदेखी, घटिया सामग्री अथवा निर्माण प्रक्रिया में लापरवाही तो नहीं हुई।
जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग
विधायक ने केवल ठेकेदार पर कार्रवाई तक मामला सीमित रखने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं ने निर्माण कार्य की उचित निगरानी नहीं की अथवा घटिया काम के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की, तो उनके खिलाफ भी विभागीय जांच और कार्रवाई की जानी चाहिए। आयुक्त ने भी स्पष्ट किया है कि काम में दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जैन कंस्ट्रक्शन एक वर्ष के लिए ‘Debar’
महानगरपालिका की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ठेकेदार की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी को एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित (Debar) किया गया है। विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने मांग की है कि घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार को केवल एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित करने के बजाय कम से कम पांच वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाए और भविष्य में महानगरपालिका के कार्य उसे नहीं दिए जाएं। इसके अलावा महानगरपालिका के सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग और घटिया निर्माण से हुए नुकसान के मामले में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज करने की मांग भी विधायक ने की है।
IIT Mumbai की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई
आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने बताया कि सड़क की गुणवत्ता और आगे की तकनीकी उपाययोजना के लिए IIT Mumbai से संपर्क किया जाएगा। वहां से प्राप्त तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दीर्घकालीन समाधान के लिए सड़क के दोनों ओर RCC दीवार अथवा भराव पर पिचिंग करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके लिए अनुमान तैयार कर प्रस्ताव सामान्य सभा के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
गणेशोत्सव से पहले अन्य महत्वपूर्ण सड़कों की मरम्मत
महानगरपालिका प्रशासन ने गणेशोत्सव से पहले शहर की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों की भी तकनीकी रूप से उचित तरीके से मरम्मत करने की योजना बनाई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
‘नागरिकों की जान से खेलने वाले घटिया रास्ते बर्दाश्त नहीं’
विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने कहा, “नागरिकों की जान से खेलने वाले घटिया रास्ते बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सड़क केवल डामर की नहीं होती, बल्कि वह हजारों नागरिकों की सुरक्षित यात्रा का मार्ग होती है। इसलिए घटिया काम करने वालों पर कार्रवाई होने तक हमारा फॉलोअप जारी रहेगा।”
बैठक में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद
बैठक में विधायक स्नेहा दुबे पंडित के साथ महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी., अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत, भाजपा वसई-विरार शहर जिला महासचिव बिजेंद्र कुमार, नगरसेवक प्रदीप पवार, नगरसेविका अपर्णा पाटील, नगरसेविका ख्याती घरत, उद्योग आघाड़ी जिला अध्यक्ष रितेश सत्यनाथ, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मैथ्यू कोलासो, जिला सचिव प्रविण गावडे, विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, महासचिव, उपाध्यक्ष, महिला मोर्चा एवं युवा मोर्चा के पदाधिकारी तथा भाजपा के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अब असली परीक्षा कार्रवाई की
प्रशासन के लिखित आश्वासन और तत्काल मरम्मत के आदेश के बाद सड़क की समस्या के समाधान का रास्ता खुल गया है। हालांकि अब निगाह इस बात पर रहेगी कि सड़क की मरम्मत वास्तव में कितनी जल्दी और किस गुणवत्ता से होती है, Risk & Cost के तहत खर्च की वसूली कितनी प्रभावी होती है, IIT Mumbai की तकनीकी जांच में क्या सामने आता है और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ आगे कितनी कड़ी कार्रवाई की जाती है।

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