पालघर में धारदार हथियार से हमले में घायल राजस्व सहायक युवती की मौत, ढाई महीने की जिंदगी की जंग हारी; आरोपी को फांसी देने की परिवार की मांग
एकतरफा प्यार ने बुझाया परिवार का चिराग....
पालघर में धारदार हथियार से हमले में घायल राजस्व सहायक युवती की मौत, ढाई महीने की जिंदगी की जंग हारी; आरोपी को फांसी देने की परिवार की मांग
पालघर : पालघर में एकतरफा प्यार के चलते दिनदहाड़े धारदार हथियार से किए गए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल राजस्व सहायक युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब ढाई महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद युवती ने दम तोड़ दिया। इस घटना से उसके पैतृक गांव पुलकोटी (तालुका मान) सहित पूरे सतारा जिले में आक्रोश फैल गया है। मृतका के परिजनों ने आरोपी अमोल मुले, निवासी जिला बीड, को तत्काल फांसी देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 12 जून को पालघर में दिनदहाड़े युवती पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। हमले की पूरी भयावह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। घटना सामने आते ही पालघर पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
सात महीने पहले ही मिली थी सरकारी नौकरी
मृतका ने बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और मेहनत के बल पर महज सात महीने पहले पालघर जिला कलेक्टर कार्यालय में राजस्व सहायक (क्लर्क) के पद पर नियुक्ति हासिल की थी। सरकारी नौकरी मिलने से परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से बड़ा सहारा मिला था। परिजनों को उम्मीद थी कि बेटी अपने भविष्य को संवारने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाएगी।
लेकिन एकतरफा प्यार में कथित तौर पर किए गए इस हमले ने परिवार के सभी सपनों को एक झटके में तहस-नहस कर दिया।
पालघर से सतारा तक चला इलाज
हमले में गंभीर रूप से घायल युवती को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पालघर में प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों ने बेहतर इलाज की उम्मीद में उसे सतारा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार को विश्वास था कि लंबी चिकित्सा के बाद बेटी स्वस्थ होकर घर लौटेगी।
उसके इलाज के लिए परिवार ने अपनी जमीन तक बेच दी और करीब 35 लाख रुपये चिकित्सा खर्च के लिए जुटाए। आर्थिक संकट के बावजूद परिजनों ने इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी। हर गुजरते दिन के साथ परिवार उसकी जिंदगी बचने की उम्मीद लगाए बैठा रहा।
तमाम प्रयासों के बावजूद नहीं बच सकी जिंदगी
डॉक्टरों के प्रयास और परिवार की ओर से इलाज के लिए किए गए हरसंभव इंतजाम के बावजूद युवती की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। करीब ढाई महीने तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद आखिरकार उसकी मौत हो गई।
युवती की मौत की खबर जैसे ही उसके पैतृक गांव पुलकोटी और सतारा जिले में पहुंची, शोक के साथ आक्रोश की लहर दौड़ गई। परिवार और ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी नाराजगी है।
परिवार की मांग—आरोपी को मिले फांसी की सजा
मृतका के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने मेहनत और संघर्ष के दम पर सरकारी नौकरी हासिल की थी। उसके भविष्य को लेकर परिवार ने बड़े सपने देखे थे, लेकिन कथित एकतरफा प्यार की सनक ने उनकी बेटी की जिंदगी छीन ली।
परिवार ने आरोपी अमोल मुले को तत्काल फांसी की सजा देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य युवती को इस तरह की हिंसा का शिकार न होना पड़े।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, एकतरफा प्रेम के नाम पर होने वाली हिंसा और ऐसे मामलों में समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप की आवश्यकता को सामने ला दिया है। सवाल यह भी है कि अगर किसी महिला या युवती को लगातार परेशान किए जाने, पीछा करने या धमकी देने की जानकारी सामने आती है, तो पुलिस और प्रशासन किस स्तर पर तत्काल कार्रवाई करते हैं।

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