वैतरणा खाड़ी में अवैध रेत खनन पर राजस्व विभाग का शिकंजा..

वैतरणा खाड़ी में अवैध रेत खनन पर राजस्व विभाग का शिकंजा

रेत माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई ; सक्शन पंप लगी नाव नष्ट, रेत-पत्थर से भरे तीन हायवा जब्त

विरार : वसई-विरार के समुद्री तट और खाड़ी क्षेत्रों में कथित रूप से जारी अवैध रेत खनन के खिलाफ राजस्व विभाग ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में वैतरणा खाड़ी में अवैध रूप से रेत उत्खनन किए जाने की सूचना के आधार पर जिला गौण खनिज विभाग के भरारी पथक ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान सक्शन पंप के जरिए रेत निकालने में इस्तेमाल की जा रही एक लोहे की नाव और सक्शन पंप को नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा बिना अनुमति रेत तथा पत्थर का परिवहन करने वाले तीन हायवा ट्रकों को जब्त किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वैतरणा खाड़ी में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें राजस्व विभाग को मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर विभाग की टीम ने खाड़ी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान अवैध तरीके से रेत निकालने वाली नाव का पता चला। टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए नाव और उसमें लगे सक्शन पंप को अपने कब्जे में लिया और बाद में उन्हें नष्ट कर दिया।

तीन हायवा भी कार्रवाई की जद में

छापेमारी के दौरान रेत की अवैध ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले दो ट्रक तथा पत्थर ले जा रहे एक अन्य ट्रक को भी पकड़ा गया। तीनों वाहनों को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, जब्त किए गए तीन वाहनों के साथ रेत और पत्थर सहित कुल जब्ती का अनुमानित मूल्य करीब 75 लाख रुपये बताया गया है। 

पर्यावरण और सरकारी राजस्व को दोहरा नुकसान

वैतरणा खाड़ी सहित वसई-विरार के तटीय और खाड़ी क्षेत्रों में सक्शन पंपों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत निकालने की गतिविधियां पहले भी सामने आती रही हैं। अवैध उत्खनन से जहां सरकार को रॉयल्टी एवं अन्य राजस्व का नुकसान होता है, वहीं खाड़ी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। वैतरणा, शिरगांव और नारिंगी खाड़ी क्षेत्र में पहले भी अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। 

कार्रवाई से रेत माफियाओं में खलबली

हालिया कार्रवाई को अवैध रेत कारोबार के खिलाफ राजस्व विभाग की सख्ती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई के दौरान भरारी पथक पर दबाव बनाने और धमकी देने के प्रयास की जानकारी भी सामने आई, लेकिन टीम ने कार्रवाई जारी रखी। विभाग की ओर से संकेत दिया गया है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।  वसई-विरार क्षेत्र में अवैध रेत खनन का मुद्दा नया नहीं है। पूर्व में भी राजस्व एवं खनिकर्म विभाग की संयुक्त टीमों ने वैतरणा, शिरगांव और अन्य खाड़ी क्षेत्रों में सक्शन पंप तथा नावों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके बावजूद इस कारोबार के दोबारा सक्रिय होने से स्थायी निगरानी और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर सवाल उठ रहे हैं। 

अब बड़ा सवाल यह है कि इतनी सख्त कार्रवाई के बावजूद अवैध रेत खनन का नेटवर्क बार-बार कैसे सक्रिय हो जाता है? स्थानीय स्तर पर नागरिकों की मांग है कि केवल नाव और वाहन जब्त करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि अवैध उत्खनन के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क की पहचान कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

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