फर्जी नंबर प्लेट का खेल..,नगरसेवक के भाई पर पेल्हार पुलिस की बड़ी कार्रवाई ; ब्रेजा पर लगा था दूसरे वाहन का नंबर, आरोपी फरार
फर्जी नंबर प्लेट का खेल!
नगरसेवक के भाई पर पेल्हार पुलिस की बड़ी कार्रवाई ; ब्रेजा पर लगा था दूसरे वाहन का नंबर, आरोपी फरार
ई-चालान और टोल से बचने के लिए फर्जी नंबर? पुलिस खंगाल रही है वाहन का पूरा इतिहास
नालासोपारा : नालासोपारा में वाहनों की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पेल्हार पुलिस ने वसई पूर्व निवासी अफजल जैनउल्ला चौधरी (32) के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अफजल चौधरी को नगरसेवक का भाई बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार संबंधित ब्रेजा कार पर उसके वास्तविक पंजीकरण क्रमांक की जगह किसी अन्य वाहन का नंबर प्रदर्शित किया जा रहा था।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मची हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक वाहन पर दूसरे वाहन का नंबर लगाकर उसे आखिर कितने समय से चलाया जा रहा था और इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या था?
ब्रेजा का असली नंबर कुछ और, प्लेट पर नंबर कुछ और!
प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्रेजा कार का वास्तविक नंबर MH 46 CM 0307 बताया गया है, जबकि वाहन पर कथित तौर पर MH 46 BK 3738 नंबर की प्लेट लगाई गई थी। यानी सड़क पर दौड़ रही कार की पहचान और उसके नंबर प्लेट की पहचान में कथित तौर पर बड़ा अंतर था। ऐसे में यदि वाहन किसी कैमरे में कैद होता या उसके खिलाफ ई-चालान जारी होता, तो रिकॉर्ड किसी दूसरे वाहन के नाम पर जाने की आशंका पैदा होती है।
क्या ई-चालान और टोल से बचने के लिए था पूरा खेल?
पुलिस की शुरुआती जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल ई-चालान और टोल से बचने तथा वाहन की वास्तविक पहचान छिपाने के लिए किया गया हो सकता है।
लेकिन जांच यहीं खत्म नहीं होती।
फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल यदि जानबूझकर किया गया था, तो पुलिस के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण हो जाता है कि इस वाहन को किन-किन स्थानों पर ले जाया गया और इसका इस्तेमाल किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में तो नहीं हुआ।
पुलिस खंगाल रही है वाहन का 'अतीत'
मामले की जांच कर रहे सहायक पुलिस निरीक्षक रमेश वाघचौरे अब वाहन के पूरे रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहे हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि—
फर्जी नंबर प्लेट वाहन पर कब लगाई गई?
यह नंबर प्लेट किसने तैयार कराई?
फर्जी नंबर किस वाहन का है?
संबंधित ब्रेजा का पिछले दिनों कहां-कहां इस्तेमाल हुआ?
क्या वाहन किसी आपराधिक वारदात के दौरान इस्तेमाल हुआ?
क्या फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल केवल यातायात नियमों से बचने के लिए किया गया या इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य था?
इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
BNS की कई धाराओं में मामला दर्ज
पेल्हार पुलिस ने अफजल जैनउल्ला चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 336(2), 336(3), 340(2) तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 39/192 के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल आरोपी के फरार होने की जानकारी है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
अब गिरफ्तारी के बाद खुलेंगे कई राज?
फर्जी नंबर प्लेट मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि कथित फर्जी नंबर प्लेट लगाने की योजना किसकी थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।यदि जांच में वाहन के किसी आपराधिक गतिविधि में इस्तेमाल होने की पुष्टि होती है, तो मामला और गंभीर हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी आपराधिक वारदात में वाहन के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई है।
वाहन मालिकों के लिए भी बड़ा खतरा
फर्जी नंबर प्लेट का यह मामला केवल पुलिस या आरोपी तक सीमित नहीं है। ऐसे मामलों का सीधा असर उस वाहन के वास्तविक मालिक पर भी पड़ सकता है जिसका नंबर किसी अन्य वाहन पर इस्तेमाल किया जा रहा हो। किसी कैमरे में फर्जी नंबर वाला वाहन रिकॉर्ड होने पर ई-चालान वास्तविक नंबर के मालिक तक पहुंच सकता है। इससे निर्दोष वाहन मालिक को अनावश्यक कानूनी और प्रशासनिक परेशानी उठानी पड़ सकती है।
पुलिस जांच पर टिकी नजरें
अब सबकी निगाहें पेल्हार पुलिस की जांच पर टिकी हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फर्जी नंबर प्लेट लगाने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और संबंधित वाहन का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
(नोट: इस रिपोर्ट में वर्णित आरोप पुलिस में दर्ज मामले और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।)

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