नालासोपारा में मालगाड़ी की चपेट में आने से गाय की मौत, दूसरी घायल
मालगाड़ी की चपेट में आने से गाय की मौत, दूसरी घायल
नालासोपारा पूर्व के धानिव बाग रेलवे ट्रैक पर हादसा; स्थानीय लोगों ने घायल गाय को ट्रैक से बाहर निकाला, तबेला मालिकों की लापरवाही पर उठे सवाल
नालासोपारा : नालासोपारा पूर्व स्थित धानिव बाग क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर एक दर्दनाक हादसे में मालगाड़ी की चपेट में आने से एक गाय की मौत हो गई, जबकि दूसरी गाय घायल हो गई। हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए घायल गाय को रेलवे ट्रैक से सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद क्षेत्र में पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, धानिव बाग क्षेत्र से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर दो गायें पहुंच गई थीं। इसी दौरान वहां से गुजर रही मालगाड़ी की चपेट में दोनों गायें आ गईं। हादसे में एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गाय को मामूली चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे। घायल गाय रेलवे ट्रैक पर पड़ी हुई थी। नागरिकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे सावधानीपूर्वक ट्रैक से बाहर निकाला, जिससे उसकी जान को और अधिक खतरा टल गया।
तबेला मालिकों की लापरवाही पर सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्र में मौजूद तबेला मालिकों की कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि पशुओं को सुरक्षित तरीके से बांधकर नहीं रखा जाता और उन्हें खुले में छोड़ दिया जाता है, तो वे रेलवे ट्रैक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में पशुओं के साथ-साथ रेल यातायात की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पशुओं की जिम्मेदारी रखने वाले तबेला संचालकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। पशुओं को खुले में छोड़ने के बजाय उनके लिए सुरक्षित व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित प्रशासन से धानिव बाग और आसपास के इलाकों में मवेशियों के खुले विचरण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में संचालित तबेलों की जांच कर पशुओं को सुरक्षित रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग भी उठ रही है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले से ही ऐसे स्थानों की पहचान कर रोकथाम के उपाय करने चाहिए। रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ पशुपालकों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। फिलहाल इस हादसे ने एक बार फिर मवेशियों की सुरक्षा, पशुपालकों की जिम्मेदारी और रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि संबंधित प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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