नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर में किसकी हो रही ‘प्रगति’..??

नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर में किसकी हो रही ‘प्रगति’..??

नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित, गंदगी और अव्यवस्थाओं के बीच जीवन जीने को मजबूर ; पर्दे के पीछे अवैध निर्माणों के तेजी से बढ़ने को लेकर उठ रहे सवाल

नालासोपारा (लालप्रताप सिंह) : नालासोपारा पूर्व स्थित प्रगति नगर इन दिनों अपने नाम के विपरीत तस्वीर पेश करता नजर आ रहा है। एक ओर क्षेत्र के नागरिक सड़क, साफ-सफाई, जलनिकासी, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिस गति से इलाके में अवैध निर्माण खड़े हो रहे हैं, उसी गति से क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। प्रगति नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों का कहना है कि उन्हें जिन मूलभूत सुविधाओं का अधिकार मिलना चाहिए, वे सुविधाएं आज भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। कई स्थानों पर गंदगी, कचरे और अव्यवस्थित जलनिकासी की समस्या दिखाई देती है। बारिश के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है तथा नागरिकों को आवागमन सहित रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

गंदगी और अव्यवस्था के बीच नागरिकों का जीवन

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, क्षेत्र में नियमित और प्रभावी साफ-सफाई व्यवस्था की आवश्यकता है। कई जगह कचरा जमा होने तथा नालियों की उचित सफाई नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नागरिकों का सवाल है कि यदि जनप्रतिनिधि और प्रशासन क्षेत्र के विकास के लिए जिम्मेदार हैं, तो वर्षों से चली आ रही इन समस्याओं का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो रहा?

नागरिकों का कहना है कि विकास का अर्थ केवल नई इमारतों और निर्माण गतिविधियों का बढ़ना नहीं, बल्कि सड़क, पानी, स्वच्छता, जलनिकासी, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित वातावरण जैसी मूलभूत सुविधाओं का मजबूत होना भी है।

अवैध निर्माणों को लेकर बढ़ रही चर्चा

प्रगति नगर में बढ़ती निर्माण गतिविधियों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है। नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति या नियमों का पालन किए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य जिस तेजी से आगे बढ़ते दिखाई देते हैं, उससे मनपा प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं।

हालांकि, किसी भी निर्माण को अवैध घोषित करने का अधिकार संबंधित सक्षम प्राधिकरण की जांच और दस्तावेजों के आधार पर ही निर्धारित किया जा सकता है। ऐसे में नागरिकों की मांग है कि क्षेत्र में चल रहे सभी संदिग्ध निर्माणों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

‘पर्दे के पीछे’ क्या चल रहा है?

स्थानीय नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, तब निर्माण गतिविधियां इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ रही हैं? नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय क्षेत्र में नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए।

कुछ नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि अवैध निर्माणों के खिलाफ नियम स्पष्ट हैं, तो फिर निर्माण शुरू होने के शुरुआती चरण में ही कार्रवाई क्यों नहीं होती? निर्माण पूरा होने या बड़े पैमाने पर तैयार होने के बाद कार्रवाई करने से आखिर किसका फायदा होता है?

जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल

क्षेत्रीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों का प्राथमिक दायित्व नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने का है।

नागरिकों का आरोप है कि यदि क्षेत्र में साफ-सफाई, सड़क, जलनिकासी और अन्य समस्याएं मौजूद हैं, तो इनका स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। साथ ही, निर्माण गतिविधियों पर पारदर्शी निगरानी भी जरूरी है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

प्रगति नगर के नागरिकों ने संबंधित प्रशासन से क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कराने की मांग की है। नागरिकों की मांग है कि क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माणों की अनुमति, मंजूर नक्शे, निर्माण नियमों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही नागरिकों ने साफ-सफाई, नालियों की नियमित सफाई, कचरा उठाने की व्यवस्था, सड़क और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग की है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रगति नगर में वास्तव में नागरिक सुविधाओं की ‘प्रगति’ होती है या केवल निर्माण गतिविधियों की, और प्रशासन इन सवालों का जवाब किस रूप में देता है।

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