विरार स्थित 90 फीट रोड पर सुबह-सुबह भीषण टक्कर, दो चालक गंभीर रूप से घायल

विरार स्थित 90 फीट रोड पर सुबह-सुबह भीषण टक्कर, दो चालक गंभीर रूप से घायल

हादसा महज दुर्घटना या सड़क सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी..?? 90 फीट रोड की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

विरार : मंगलवार की सुबह करीब 7:30 बजे विरार के 90 फीट रोड पर हुई दोपहिया वाहन और ऑटो-रिक्शा की भीषण टक्कर ने एक बार फिर शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हादसे में दोनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि ऑटो-रिक्शा चालक और दोपहिया वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

आखिर टक्कर इतनी भीषण क्यों हुई?

प्रत्यक्ष रूप से सामने आई जानकारी के अनुसार, दोपहिया वाहन और ऑटो-रिक्शा के बीच जोरदार भिड़ंत हुई। टक्कर के बाद दोपहिया वाहन ऑटो-रिक्शा से जा टकराया, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सुबह के व्यस्त समय में 90 फीट रोड पर ऐसी भीषण टक्कर की नौबत आखिर क्यों आई?

क्या वाहनों की गति हादसे का कारण बनी? क्या किसी वाहन ने अचानक दिशा बदली? क्या सड़क पर यातायात नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था थी? क्या संबंधित स्थान पर पर्याप्त संकेतक या अन्य सुरक्षा उपाय मौजूद हैं? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

90 फीट रोड पर सुबह के समय यातायात का दबाव रहता है। ऐसे में सड़क पर वाहनों की गति और यातायात अनुशासन को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है। बावजूद इसके, यदि यहां बार-बार दुर्घटनाएं सामने आती हैं तो संबंधित विभागों के लिए यह गंभीर समीक्षा का विषय होना चाहिए। सड़क दुर्घटना के बाद केवल घायलों को अस्पताल पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है। हादसे की जड़ तक पहुंचना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

जांच में सामने आना चाहिए पूरा सच

इस दुर्घटना की निष्पक्ष जांच में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि हादसे के समय दोनों वाहनों की स्थिति क्या थी, उनकी गति कितनी थी और टक्कर किस परिस्थिति में हुई। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध हो तो उसकी जांच भी दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने लाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि संबंधित सड़क पर यातायात संकेतक, स्ट्रीट लाइट, सड़क की स्थिति और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त हैं या नहीं।

एक हादसा, कई सवाल

यह घटना केवल दो वाहनों की टक्कर भर नहीं है। यह सवाल भी है कि शहर की सड़कों पर वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था कितनी प्रभावी है?अगर जांच में चालक की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि सड़क की संरचना, यातायात प्रबंधन या किसी अन्य प्रशासनिक कमी की भूमिका सामने आती है तो संबंधित विभाग को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। जांच के निष्कर्ष ही यह तय करेंगे कि यह हादसा केवल मानवीय चूक का परिणाम था या इसके पीछे सड़क और यातायात व्यवस्था से जुड़े अन्य कारण भी जिम्मेदार थे।

अब नजर जांच पर है - क्योंकि हादसे के बाद सवाल उठना स्वाभाविक है, लेकिन उन सवालों के जवाब मिलना उससे भी ज्यादा जरूरी है।

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