ज्यादा आए बिजली बिल को सेटल करने के लिए ₹8,000 की रिश्वत लेते वायरमैन रंगेहाथ गिरफ्तार
ज्यादा आए बिजली बिल को सेटल करने के लिए ₹8,000 की रिश्वत लेते वायरमैन रंगेहाथ गिरफ्तार
एसीबी की कार्रवाई से महावितरण में हड़कंप ; पुलिस निरीक्षक राकेश डोंगे के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पालघर : ज्यादा आए बिजली बिल को सेटल करने और बिल की राशि कम करवाने के नाम पर ₹8,000 की रिश्वत मांगना महावितरण के एक वायरमैन को भारी पड़ गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई करते हुए एमएसईडीसीएल के वायरमैन प्रदीप संभाजी महाजन (38) को कथित तौर पर ₹8,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद महावितरण के संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता का बिजली बिल अपेक्षा से अधिक आया था। शिकायतकर्ता द्वारा इस संबंध में समाधान की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान आरोपी वायरमैन प्रदीप संभाजी महाजन ने कथित तौर पर बिजली बिल की अधिक राशि को सेटल कराने के लिए ₹8,000 की रिश्वत की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी। शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने प्राथमिक जांच की और शिकायत में प्रथमदृष्टया तथ्य पाए जाने के बाद रिश्वत की रकम स्वीकार करने के दौरान आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
तय रकम लेते ही एसीबी ने दबोचा
एसीबी की योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी से संपर्क किया। निर्धारित स्थान पर शिकायतकर्ता द्वारा ₹8,000 की रकम दिए जाने के दौरान एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रदीप संभाजी महाजन को रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई पुलिस निरीक्षक राकेश डोंगे के नेतृत्व में की गई। एसीबी की टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
महावितरण के कामकाज पर फिर उठे सवाल
इस कार्रवाई ने बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली बिल में गड़बड़ी या अधिक बिल आने की शिकायतों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया मौजूद होने के बावजूद यदि कर्मचारी कथित रूप से निजी तौर पर रकम की मांग करते हैं, तो इससे आम उपभोक्ताओं का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित होता है। हालांकि, इस मामले में आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी का सख्त संदेश
एसीबी की इस कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि सरकारी काम करवाने के लिए रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है। नागरिकों से भी अपील की जाती है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी वैध काम के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी जानकारी संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी को दी जाए।
₹8,000 की रिश्वत के इस मामले में वायरमैन की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आम बिजली उपभोक्ता अपने अधिकारों और शिकायतों के समाधान के लिए आखिर किस हद तक सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था पर भरोसा कर सकता है।

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