पेल्हार क्षेत्र में महसूल विभाग की महिला तलाठी अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों चढ़ी एसीबी के हत्थे
पेल्हार क्षेत्र में महसूल विभाग की महिला तलाठी अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों चढ़ी एसीबी के हत्थे
नालासोपारा : वसई विरार क्षेत्र में लगातार एसीबी की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में सोमवार को नालासोपारा पूर्व स्थित पेल्हार क्षेत्र में महसूल विभाग की एक महिला तलाठी अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई।अधिकारी का नाम उज्ज्वला प्रवीण पाटिल (48) है। पालघर भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया। वह अवैध चॉल निर्माण और जमीन पर मिट्टी भरने के पंचनामा से बचने के लिए 1 लाख 95 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थी, जिसमें से 45 हजार रुपये की पहली किस्त स्वीकार करते हुए एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायतकर्ता (28) और उसके मामा चॉल निर्माण का व्यवसाय करते हैं। 2015 में, शिकायतकर्ता के मामा ने मौजे बिलालपाड़ा सर्वे नंबर 13/3 में एक जमीन खरीदी थी। इस जमीन को लेकर अदालत में विवाद चल रहा है। इस विवादित जमीन पर कुल 4 कमरे बने हुए हैं, जिनमें से 1 शिकायतकर्ता का और 3 उसके मामा के हैं। बिलालपाड़ा/पेल्हार साजा के तलाठी उज्ज्वला पाटिल निर्माण कार्य का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने पहले शिकायतकर्ता से उक्त कमरे के निर्माण के लिए पंचनामा न कराने के लिए 50,000 रुपये की मांग की और चेतावनी दी कि जमीन पर की गई मिट्टी की भराई का खर्च अलग से देना होगा। चूंकि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए वह सीधे पालघर स्थित एसीबी कार्यालय गया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के लिए एसीबी टीम ने 21 और 22 मई को पेल्हार में कानूनी सत्यापन किया। इस सत्यापन के दौरान पता चला कि अधिकारी उज्ज्वला पाटिल ने कमरे के निर्माण के लिए पंचनामा न कराने के बदले 45,000 रुपये और मिट्टी भरने के लिए पंचनामा न कराने के बदले 1.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, कुल मिलाकर 1.95 लाख रुपये। रिश्वत की रकम तय होने के बाद, एसीबी टीम ने सोमवार, 25 मई की दोपहर को पेल्हार गांव स्थित तलाठी कार्यालय में जाल बिछाया। इसी दौरान उज्ज्वला पाटिल को 45,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से राजस्व जगत में भारी हलचल मच गई है। इस कार्रवाई को ठाणे क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक शिवराज पाटिल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागवत सोनावणे और सुहास शिंदे के मार्गदर्शन में पालघर एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक दादाराम करांडे, पुलिस निरीक्षक राकेश डांगे और अमलदार योगेश धरणे, जीतेंद्र गवले, गीता कहार, आकाश लोहारे, प्रकाश दलवी और विलास भोये की टीम ने अंजाम दिया। एसीबी द्वारा एक महीने में यह तीसरा गुप्त ऑपरेशन है। इससे पहले, वसई के उच्च तहसीलदार कार्यालय पर छापा मारकर एक निजी व्यक्ति को 7 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। पता चला कि इस मामले में उच्च तहसीलदार विनोद धोत्रे शामिल थे। इसके बाद, 21 मई को एसीबी ने वसई अदालत में सरकारी वकील भूपेश पुरंदारे को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

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