मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन, वसई-विरार मनपा की उच्चस्तरीय जांच की मांग..

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन, वसई-विरार मनपा की उच्चस्तरीय जांच की मांग..

कर के बदले गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की उठी मांग, शिक्षा कर के उपयोग पर भी उठाए सवाल..

नालासोपारा : धर्मराज कामगार संघटना के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह सोमवंशी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर वसई-विरार शहर महानगरपालिका (वीवीसीएमसी) के आर्थिक एवं प्रशासनिक कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि महानगरपालिका की स्थापना वर्ष 2009 से अब तक नागरिकों से नियमित रूप से विभिन्न प्रकार के कर वसूले जा रहे हैं, लेकिन उसके अनुरूप मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि महानगरपालिका समय-समय पर घरपट्टी, पानीपट्टी तथा अन्य करों में वृद्धि करती रही है, जबकि शहर के अनेक क्षेत्रों में नागरिकों को सड़क, स्वच्छता, जलापूर्ति, शिक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है।

शिवप्रताप सिंह सोमवंशी ने ज्ञापन में विशेष रूप से शिक्षा कर (Education Tax) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महानगरपालिका नागरिकों से शिक्षा कर वसूलती है, लेकिन अब तक अपने स्तर पर कोई नई नगरपालिका स्कूल स्थापित नहीं की गई है। ऐसे में शिक्षा कर से प्राप्त राशि का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा है, इसकी पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई नागरिकों की शिकायत है कि महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करना आसान नहीं है। मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम नागरिकों की अधिकारियों तक सीधी पहुंच सीमित हो जाती है, जिससे उनकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता। उन्होंने प्रशासन और जनता के बीच संवाद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में वसई-विरार महानगरपालिका के आर्थिक एवं प्रशासनिक कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने, करदाताओं के धन के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने, शिक्षा कर के माध्यम से नई नगरपालिकीय स्कूलों की स्थापना पर ठोस निर्णय लेने, घरपट्टी, पानीपट्टी एवं अन्य करों में वृद्धि के कारणों तथा उससे मिलने वाले वास्तविक लाभ को सार्वजनिक करने, वरिष्ठ अधिकारियों के लिए नागरिकों से नियमित मुलाकात की व्यवस्था लागू करने तथा कर के बदले बेहतर पायाभूत सुविधाएं, स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा और अन्य नागरिक सेवाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

धर्मराज कामगार संघटना ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराएं तथा नागरिक हित में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने यह भी कहा कि करदाताओं को उनके द्वारा दिए जा रहे कर के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है और इस दिशा में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

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