स्कूलों की कैंटीन और मिड-डे मील पर एफडीए की सख्ती, छात्रों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान...
स्कूलों की कैंटीन और मिड-डे मील पर एफडीए की सख्ती, छात्रों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान...
मुंबई : गुटखा, मिलावटी खाद्य पदार्थों और अवैध दवाओं के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के बाद अब महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अपना फोकस स्कूलों की कैंटीन और मिड-डे मील व्यवस्था पर केंद्रित कर दिया है। विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एफडीए ने मुंबई के निजी स्कूलों की कैंटीनों तथा मिड-डे मील उपलब्ध कराने वाले किचन शेडों का व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कैंटीनों और भोजन तैयार करने वाले रसोईघरों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता, कर्मचारियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण, पेयजल की व्यवस्था, एक्सपायरी डेट, लाइसेंस तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी देखा कि विद्यार्थियों को परोसा जाने वाला भोजन निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप है या नहीं। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि भोजन तैयार करने और परोसने की पूरी प्रक्रिया स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण में हो। एफडीए अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन और कैंटीन संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, मिलावटी या एक्सपायरी खाद्य सामग्री के उपयोग तथा खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर लाइसेंस निलंबित करने और संबंधित संस्थानों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं
एफडीए का कहना है कि स्कूली बच्चे समाज का सबसे संवेदनशील वर्ग हैं और उनके स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूलों में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन की संस्कृति विकसित करना भी है।
नियमित जांच होगी
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि भविष्य में भी नियमित और औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। स्कूलों, मिड-डे मील संचालकों और खाद्य आपूर्तिकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। एफडीए ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि किसी स्कूल की कैंटीन या मिड-डे मील में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता या खाद्य सुरक्षा को लेकर कोई शिकायत हो तो इसकी जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस अभियान को विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एफडीए का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का मानना है कि स्वच्छ और पौष्टिक भोजन ही बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव है।

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