कांतु चौहान द्वारा किए जा रहे कथित अवैध निर्माण को स्थानीय नगरसेविका का संरक्षण मिलने के आरोप, कार्रवाई न होने से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी..

बिलाल पाड़ा रेलवे ब्रिज के पास नवनिर्माण किए जा रहे अवैध निर्माणों पर उठे सवाल, मनपा अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में....

कांतु चौहान द्वारा किए जा रहे कथित अवैध निर्माण को स्थानीय नगरसेविका का संरक्षण मिलने के आरोप, कार्रवाई न होने से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी..

नालासोपारा (लालप्रताप सिंह) : वसई-विरार शहर मनपा प्रभाग समिति 'एफ' अंतर्गत बिलाल पाड़ा स्थित रेलवे ब्रिज के समीप कथित अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कांतु चौहान द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए लगातार अवैध निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन मनपा प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय मौन साधे हुए है। स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित स्थल पर हाल ही में 6 रूम का निर्माण किया गया, जिसके बाद अब 4 नए कमरों का निर्माण कार्य पुनः तेजी से जारी है। नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य खुलेआम चलने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार हाल ही में प्रभाग समिति 'एफ' के सह आयुक्त विजय पाटिल कथित निर्माण स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि निरीक्षण के बावजूद किसी प्रकार की तोड़फोड़, सीलिंग अथवा अन्य वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई और अधिकारी बिना किसी कार्रवाई के वापस लौट गए। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं और संशय का माहौल बना हुआ है।

राजनीतिक संरक्षण के आरोप

स्थानिक नागरिकों का आरोप है कि कांतु चौहान को स्थानीय नगरसेविका नीतू सुनील घरत का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वह बेखौफ होकर निर्माण कार्य करा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित जनप्रतिनिधि की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।

प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे प्रश्न

नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण वास्तव में अवैध है तो मनपा को तत्काल महाराष्ट्र प्रादेशिक नगर रचना अधिनियम (एमआरटीपी) एवं संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं यदि निर्माण वैध है तो उसके आवश्यक दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि लोगों के मन में उत्पन्न हो रहे संदेह दूर हो सकें।

जांच और पारदर्शिता की मांग

स्थानीय नागरिकों ने महानगरपालिका आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण की वैधता की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में अवैध निर्माणों को बढ़ावा मिलेगा और कानून व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

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