विरार के बोलिंज में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़, बिना डिग्री चला रहा था क्लिनिक....
विरार के बोलिंज में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़, बिना डिग्री चला रहा था क्लिनिक....
मनपा के स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं जब्त, पुलिस ने दर्ज किया मामला
विरार : वसई-विरार शहर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग ने विरार पश्चिम स्थित बोलिंज क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध मेडिकल डिग्री के क्लिनिक संचालित कर मरीजों का इलाज कर रहे एक कथित फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान क्लिनिक से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन, एंटीबायोटिक्स, सिरप, टैबलेट तथा आईवी फ्लूइड सहित अन्य चिकित्सकीय सामग्री जब्त की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनपा के स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि बोलिंज इलाके में एक व्यक्ति बिना किसी मान्य चिकित्सकीय योग्यता और आवश्यक अनुमति के क्लिनिक संचालित कर मरीजों का उपचार कर रहा है। सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित क्लिनिक का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आरोपी के पास एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक वैध मेडिकल डिग्री अथवा अधिकृत पंजीकरण उपलब्ध नहीं था। इसके बावजूद वह मरीजों की जांच कर उन्हें दवाइयां दे रहा था तथा इंजेक्शन एवं अन्य उपचार भी कर रहा था। जांच के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं और चिकित्सा सामग्री बरामद कर जब्त की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में विस्तृत पंचनामा तैयार कर बोलिंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (BNS/संबंधित प्रावधान) तथा महाराष्ट्र मेडिकल प्रैक्टिशनर्स अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी कब से अवैध रूप से क्लिनिक संचालित कर रहा था और अब तक कितने मरीजों का उपचार कर चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि उपचार कराने से पहले संबंधित डॉक्टर की शैक्षणिक योग्यता, पंजीकरण संख्या और क्लिनिक की वैधता की जांच अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध अथवा फर्जी चिकित्सक की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग या निकटतम पुलिस स्टेशन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर लोगों के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध पंजीकरण के चिकित्सा व्यवसाय करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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