वसई-विरार क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बाद बढ़ रहा जनहानि का आंकड़ा..,दो दिनों में 5 शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 10..
वसई-विरार क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बाद बढ़ रहा जनहानि का आंकड़ा..,दो दिनों में 5 शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 10..
अधिकांश मृतकों के डूबने या तेज बहाव में बह जाने की आशंका, प्रशासन ने नागरिकों से बरसात के दौरान सतर्क रहने की अपील की..
वसई-विरार : वसई-विरार क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बाद जनहानि का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले दो दिनों के दौरान क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से पांच शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही पिछले सप्ताह की भारी बारिश और जलभराव से जुड़ी घटनाओं में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरामद किए गए शव अलग-अलग स्थानों से मिले हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अधिकांश लोग तेज बहाव में बह गए थे अथवा जलभराव वाले क्षेत्रों में डूबने से उनकी मृत्यु हुई। पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा उनकी पहचान और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए जांच जारी है। पिछले सप्ताह हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण वसई-विरार के अनेक इलाकों में व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई सड़कें, निचले इलाके और नदी-नालों के आसपास के क्षेत्र पानी में डूब गए थे। तेज बहाव के कारण कई लोग फंस गए थे, जबकि कुछ लोग लापता भी हो गए थे। राहत एवं बचाव दलों द्वारा लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा था, जिसके दौरान इन शवों की बरामदगी हुई। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नालों, नदियों और समुद्र तटों के समीप जाने से बचें। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित प्रशासनिक विभाग या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की सलाह दी गई है। लगातार सामने आ रही मौतों ने एक बार फिर बरसात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।प्रशासन ने कहा है कि लापता लोगों की तलाश जारी है तथा प्रत्येक मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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