वसई विरार शहर मनपा प्रभाग समिति फ़ कार्यक्षेत्र धानिव-पेल्हार बना अवैध निर्माणों का गढ़, मनपा की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल...
धानिव-पेल्हार बना अवैध निर्माणों का गढ़, मनपा की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
वसई-विरार (लालप्रताप सिंह ) : वसई विरार शहर महानगरपालिका के प्रभाग समिति ‘एफ’ अंतर्गत आने वाला धानिव-पेल्हार क्षेत्र इन दिनों अवैध निर्माणों के बढ़ते मामलों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में नियम-कायदों को ताक पर रखकर भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के बलबूते खुलेआम अवैध निर्माणों को अंजाम दिया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार धानिव-पेल्हार क्षेत्र में कई स्थानों पर बिना आवश्यक अनुमति और मंजूरी के बहुमंजिला इमारतें, व्यावसायिक गाले तथा अन्य निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के कारण इन निर्माणों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अवैध निर्माणों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। नागरिकों का आरोप है कि कुछ निर्माणकर्ताओं द्वारा दबंगई और राजनीतिक संरक्षण के दम पर सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सबसे गंभीर आरोप क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर लगाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन को कार्रवाई के लिए बाध्य करना है, लेकिन इसके विपरीत कुछ जनप्रतिनिधि अपने स्वार्थ साधते हुए ऐसे निर्माणों को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में अवैध निर्माणों का जाल लगातार फैलता जा रहा है।जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते इन अवैध निर्माणों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।अब देखना यह होगा कि मनपा प्रशासन, संबंधित विभाग और वरिष्ठ अधिकारी धानिव-पेल्हार क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध निर्माणों के इस कथित नेटवर्क पर कब और कैसी कार्रवाई करते हैं। फिलहाल क्षेत्र में अवैध निर्माणों को लेकर लोगों में नाराजगी और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।





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