टीडीसीसी बैंक चुनाव में महायुति के भीतर बढ़ी खींचतान, शिवसेना-भाजपा आमने-सामने
टीडीसीसी बैंक चुनाव में महायुति के भीतर बढ़ी खींचतान, शिवसेना-भाजपा आमने-सामने
पालघर : ठाणे-पालघर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (टीडीसीसी) के चुनाव को लेकर महायुति के घटक दलों के बीच आंतरिक मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। बैंक पर नियंत्रण स्थापित करने की राजनीतिक जंग में शिवसेना और भाजपा अलग-अलग पैनलों के समर्थन में उतर गई हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। जानकारी के अनुसार, राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खुलकर सहकार पैनल का समर्थन किया है। उनके समर्थन के बाद शिवसेना के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता सहकार पैनल की जीत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हो गए हैं। शिंदे गुट के नेताओं का मानना है कि बैंक के विकास और सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सहकार पैनल को अवसर मिलना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कपिल पाटिल के नेतृत्व में भाजपा के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता परिवर्तन पैनल के पक्ष में प्रचार अभियान चला रहे हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि बैंक में पारदर्शिता और नई कार्यशैली लाने के लिए परिवर्तन पैनल को समर्थन मिल रहा है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महायुति सरकार में साथ होने के बावजूद टीडीसीसी बैंक चुनाव में दोनों दलों की अलग-अलग रणनीति गठबंधन के भीतर बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। चुनाव के परिणाम न केवल बैंक के भविष्य की दिशा तय करेंगे, बल्कि ठाणे और पालघर के सहकार तथा स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इस बीच, दोनों पैनलों ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए बैठकों, संवाद कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों में तेजी ला दी है। चुनावी माहौल गर्माने के साथ ही कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि महायुति के दो प्रमुख घटकों के बीच चल रही यह सीधी टक्कर चुनाव परिणामों में किस रूप में सामने आती है और बैंक के सत्ता समीकरण पर किसका कब्जा होता है..??

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