वसई-विरार में बिजली के तारों का मकड़जाल, अप्रिय घटनाओं को दे रहा दावत...
वसई-विरार में बिजली के तारों का मकड़जाल, अप्रिय घटनाओं को दे रहा दावत...
तीन महीनों में करंट लगने से 7 लोगों की मौत, नागरिकों में बढ़ी चिंता...
वसई-विरार ( लालप्रताप सिंह ) : वसई-विरार शहर में बिजली से होने वाले हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फैले बिजली के तारों के मकड़जाल, खुले बिजली के खंभों, हाई-वोल्टेज तारों तथा घरेलू विद्युत उपकरणों में तकनीकी खराबियों के कारण लगातार दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले तीन महीनों में गंभीर विद्युत झटके (करंट) लगने से कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई इलाकों में बिजली के तार बेहद नीचे लटके हुए हैं और अनेक स्थानों पर बिजली के खंभों के जंक्शन बॉक्स खुले पड़े हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि जलभराव वाले क्षेत्रों में करंट फैलने की आशंका बढ़ जाती है। जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में हुई अधिकांश दुर्घटनाओं का संबंध खुले विद्युत ढांचे, क्षतिग्रस्त तारों और खराब घरेलू उपकरणों से रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर रखरखाव और सुरक्षा जांच नहीं होने से ऐसे हादसों की संभावना बढ़ जाती है। नागरिकों ने संबंधित बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि शहर में बिजली के तारों और खंभों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। साथ ही खुले विद्युत उपकरणों को तत्काल सुरक्षित किया जाए तथा पुराने और जर्जर तारों को बदला जाए। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर में विद्युत सुरक्षा को लेकर लगातार निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। जहां भी खामियां सामने आती हैं, वहां मरम्मत और सुधार कार्य किए जा रहे हैं। विभाग ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी खुले तार, क्षतिग्रस्त खंभे या बिजली संबंधी खतरे की जानकारी तुरंत संबंधित कार्यालय को दें। वहीं, लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं ने शहरवासियों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।

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