कांग्रेस का फिर देशविरोधी फैसला, वंदे मातरम का अपमान
कांग्रेस का फिर देशविरोधी फैसला, वंदे मातरम का अपमान
कांग्रेस ने फिर की देश के गौरव से खिलवाड़ - अजय पाठक
मुंबई : कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में कल एक बार फिर देशविरोधी फैसला लिया गया। कांग्रेस ने 1937 के रेजोल्यूशन को फॉलो करते हुए राष्ट्रगीत "वंदे मातरम" के सिर्फ दो ही छंद गाने का फैसला किया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश प्रवक्ता अजय पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के इस फैसले की कड़ी निंदा करती है। इस देश की जनता यह बर्दाश्त नहीं करेगी। हम इस मुद्दे को जनता के बीच में भी उठाएंगे और विधायी सदनों में भी इसका पुरजोर विरोध करेंगे। मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं कि 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम के दो टुकड़े कर दिए थे। उसी दिन से देश के विभाजन की नींव पड़ी और "दो राष्ट्र" के सिद्धांत को ताकत मिली थी। आज फिर वही 1937 वाला फैसला दोहराकर कांग्रेस ने साबित कर दिया कि उसकी मानसिकता नहीं बदली है। कांग्रेस को देश से ज्यादा तुष्टिकरण प्यारा है। "वंदे मातरम" 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसका अपमान देश का अपमान है।

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