वसई विरार में सरकारी राशन की कालाबाजारी का भंडाफोड़, गोडाउन सील

सरकारी राशन की कालाबाजारी का भंडाफोड़, गोडाउन सील 

राशनिंग विभाग की मिलीभगत से वसई विरार से करोड़ों के सरकारी अनाज की कालाबाजारी का आरोप 

आरोपियों को बचाने के लिए अनाज की खरीद बिक्री के दस्तावेजों की सही जाँच नहीं हुई - दीपक उपाध्याय 

विरार : विरार पूर्व के मांडवी पुलिस स्टेशन अंतर्गत लाखों की क़ीमत के सरकारी राशन की  अवैध कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है. जिसका भांडाफोड़ स्थानीय पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा किया गया. मामले मे सरकारी अनाज से लदे एक संदिग्ध ट्रक को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया. आरोप है कि महाराष्ट्र के गरीबों के हक का यह अनाज ऊंचे दामों पर बेचने के लिए गुजरात भेजा जा रहा था. पुलिस कण्ट्रोल रूम से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और राशनिंग विभाग की टीम ने वाहन को जब्त कर लिया. बता दें कि इस कालाबाजारी का पर्दाफाश करने के लिए मानव सेवा संस्था की टीम ने स्थानीय पत्रकारों के साथ मिलकर कई दिनों तक गोडाउन के आस पास जाँच किया और इस बीच दर्जनों प्राइवेट छोटी छोटी गाड़ियों से आने वाले सरकारी अनाज पर नजर रखा. सरकारी अनाज को मुंबई से ही बोरियां बदलकर नायगांव के एक गोडाउन मे रखा जाता है अजर फिर उस गोडाउन से एक बड़ी गाड़ी मे सारा अनाज भरकर फर्जी बिल के आधार पर गुजरात भेजा जाता है. ऐसी जानकारी की पुष्टि होने पर सोमवार सुबह मानव सेवा संस्था के पदाधिकारियों, समाजसेवकों और पत्रकारों की टीम ने जाल बिछाया और मांडवी पुलिस स्टेशन की सीमा में एक आयशर ट्रक डीडी 01 वी 9672 को चारों तरफ से घेर कर रोक लिया, वाहन की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में राशन के बोरे बरामद हुए. इसके तुरंत बाद संस्था महासचिव दीपक उपाध्याय ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचित किया साथ ही वसई तहसीलदार दीपक गायकवाड जी को मामले की जानकारी दिया. मामले को तत्काल संज्ञान मे लेते हुए तहसीलदार ने राशनिंग अधिकारी भागवत सोनार को तत्काल कार्यवाही का आदेश दिया. हालांकि आरोप है कि घटना के करीब एक घंटे बाद राशनिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शुरुआत में मामले को दबाने की पुरजोर कोशिशें भी की गई, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ताओं की अड़िग भूमिका के कारण विभाग को पीछे हटना पड़ा.

मामला तूल पकड़ते ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम हरकत में आई। राशनिंग विभाग के अधिकारी भागवत सोनार ने कार्रवाई करते हुए उस संबंधित गोडाउन को फिलहाल सील कर दिया है, जहां से यह अनाज लोड किया गया था. जब्त किए गए वाहन और अनाज को तहसील गोदाम में ले जाया गया है, जहां अनाज के सैपल की जांच की जा रही है. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उच्च अधिकारियों के मुताबिक टीम जब्त किए गए राशन, ट्रक और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जाँच की जा रही है. जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे. मामले मे शिकायत कर्ता दीपक उपाध्याय ने बताया कि सोमवार सुबह हमारी टीम ने मांडवी पुलिस क्षेत्र में सरकारी राशन से भरी एक आयशर गाड़ी (डीडी 01 वी 9672) को रंगे हाथों पकड़ा और तत्काल पुलिस को सूचित करके गाड़ी को पुलिस के हवाले कर दिया. उनका आरोप है कि मुंबई में राशन माफिया इस वक़्त बड़े पैमाने पर सक्रिय हैं और हर दिन लाखों रूपये के सरकारी अनाज को अवैध तरिके से बेचा जा रहा है. इस कालाबाजारी में कई नेता, कई मंत्री, स्थानीय पुलिस विभाग और राशनिंग विभाग की मिलीभगत है. दीपक उपाध्याय का कहना है कि पकड़े गए ट्रक और अनाज सहित कालाबाजारी करने वालों को संरक्षण देने के लिए खाद्य आपूर्ति अधिकारी भागवत सोनार ने अनाज के बिल इत्यादि का सही जाँच नहीं किया. अनाज के ऊपर ना कोई ब्रांड का नाम था ना ही अनाज के खरीद फरोख्त के कोई अधिकृत दस्तावेज थे, ट्रक ड्राइवर सिर्फ मोबाइल में भेजे गए एक फर्जी बिल के सहारे पूरा अनाज गुजरात ले जा रहा था. यदि अनाज के खरीद और बिक्री की सही जाँच होती तो उसी समय इस कालाबाजारी मामले में आरोपियों के ऊपर एफ आय आर दर्ज हो जाता लेकिन सिर्फ सरकारी अनाज है या नहीं इसकी जाँच का हवाला देकर भागवत सोनार ने आरोपियों का बचाव किया. साथ ही जप्त किया गया ट्रक भी पुलिस स्टेशन से हटाकर वसई तहसील ले आया जहाँ कई लोगो ने बताया कि सोनार के लिए ये सब काम रोज का है. वो अनाज के सैम्पल को बदलकर और आरोपियों के पक्ष में रिपोर्ट लगाकर आने वाले कुछ दिनों में गाड़ी और अनाज छोड़ देंगे और झूठे रिपोर्ट के आधार पर सबको बता देंगे कि अनाज सरकारी नहीं था. उपाध्याय ने मांग किया है कि राशन कि ऐसी कालाबाजारी से अब तक राज्य में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है इसलिए इस मामले में लीपापोती नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई चाहिए. यदि आने वाले दिनों में योग्य कार्यवाही नहीं हुई उपलब्ध सभी प्रमाणो के आधार पर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आमरण अनशन किया जाएगा जिसका जिम्मेदार भागवत सोनार और इस मामले में संलिप्त सभी अधिकारी एवं दलाल होंगे.

Comments